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टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया मिला शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से, टेट की अनिवार्यता समाप्त कराने को लेकर केंद्र सरकार से सकारात्मक वार्ता – केदार जैन

रायपुर – देश के लगभग 25 लाख शिक्षकों से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषय—टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त कराने—को लेकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल की भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री माननीय श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी के साथ महत्वपूर्ण एवं सार्थक वार्ता सम्पन्न हुई। यह बैठक शिक्षकों के हितों की दृष्टि से एक अहम कदम मानी जा रही है और इससे देशभर के शिक्षकों में आशा और उत्साह का वातावरण बना है।टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फेडरेशन के संरक्षक एवं लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदम्बिका पाल जी ने किया। उन्होंने हमेशा की तरह शिक्षकों के पक्ष को पूरी मजबूती, तथ्यों और संवेदनशीलता के साथ केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे लाखों शिक्षकों पर टेट जैसी अनिवार्यता लागू करना व्यवहारिक कठिनाइयों के साथ-साथ शिक्षकों के मनोबल को भी प्रभावित करता है।फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) से जुड़े सभी पत्रों और प्रावधानों का गहन अध्ययन प्रस्तुत करते हुए एक-एक पैरा पर तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई राज्यों में पहले से कार्यरत अनुभवी शिक्षक वर्षों से सफलतापूर्वक शैक्षणिक दायित्व निभा रहे हैं, ऐसे में टेट की अनिवार्यता उनके लिए अनावश्यक बाधा बन रही है।यह महत्वपूर्ण वार्ता दो चरणों में सम्पन्न हुई। पहले चरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी के आवास पर संक्षिप्त चर्चा हुई। इसके पश्चात मंत्री जी ने प्रतिनिधिमंडल को संसद कार्यालय (पार्लियामेंट ऑफिस) में विस्तृत चर्चा के लिए आमंत्रित किया, जहाँ विषय पर गंभीर और विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री द्वारा दिया गया उत्तर शिक्षकों के लिए सकारात्मक और आश्वस्त करने वाला रहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर सभी कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

इस अवसर पर टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  श्री केदार जैन ने कहा कि टेट की अनिवार्यता समाप्त कराने को लेकर हुई यह वार्ता देशभर के शिक्षकों के लिए आशा की नई किरण है। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ प्रदेश में पदस्थ शिक्षकों से अपील की कि वे टीईटी परीक्षा के विषय में पूरी तरह सजग और जागरूक रहें। श्री जैन ने कहा कि जब तक सरकार की ओर से कोई अंतिम एवं स्पष्ट निर्णय नहीं आता, तब तक शिक्षकों को किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचते हुए संगठन के साथ मजबूती से जुड़े रहना चाहिए।उन्होंने छत्तीसगढ़ के शिक्षकों से आह्वान किया कि वे टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के साथ सक्रिय रूप से कार्य करें, क्योंकि संगठन की एकजुटता ही शिक्षकों की सबसे बड़ी ताकत है। सामूहिक संघर्ष और अनुशासित प्रयासों से ही टेट जैसी जटिल समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने इस पूरी वार्ता को शिक्षकों के हित में एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए विश्वास जताया है कि केंद्र सरकार शीघ्र ही शिक्षकों के अनुभव, सेवा और योगदान को ध्यान में रखते हुए शिक्षक हितैषी निर्णय लेगी, जिससे देशभर के लाखों शिक्षकों को राहत मिलेगी।

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