सरगांव। नगर पंचायत सरगांव में विभिन्न विकास कार्यों के लिए जारी की गई ई-टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कांग्रेसी पार्षदों ने संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग नया रायपुर, मंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, संयुक्त संचालक बिलासपुर, कलेक्टर मुंगेली तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पथरिया को लिखित शिकायत सौंपी है।

पार्षदों ने शिकायत में उल्लेख किया है कि 12 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 के मध्य आमंत्रित की गई निविदाओं के प्रकाशन में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 एवं शासन द्वारा जारी निविदा नियमों का पालन नहीं किया गया। नियमानुसार किसी भी निविदा का प्रकाशन कम से कम तीन प्रमुख दैनिक एवं स्थानीय समाचार पत्रों में किया जाना तथा नगर पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा किया जाना अनिवार्य होता है। आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय द्वारा ऐसी पत्रिका में निविदा प्रकाशित कराई गई जो न तो क्षेत्र में प्रचलित है और न ही आम जनता की पहुंच में है। साथ ही सूचना पटल पर निविदा संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा परिषद को विश्वास में लिए बिना एकतरफा निर्णय लेते हुए पूरी निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और परिषद की भूमिका के विपरीत है। पार्षदों का आरोप है कि सीमित दायरे में निविदा जारी कर कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई और शासन की वित्तीय पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
कांग्रेसी पार्षदों ने शासन से मांग की है कि उक्त निविदा प्रक्रिया को नियमविरुद्ध घोषित कर निरस्त किया जाए तथा शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुनः पारदर्शी तरीके से निविदा आमंत्रित की जाए। शिकायतकर्ताओं में पार्षद रामखिलावन साहू, एजाज अहमद, सुशील यादव, परविंदर सिंह खालसा, कृष्णा साहू, राकेश साहू, राधेश्याम मारखंडे एवं शैलेंद्र साहू शामिल हैं।
पार्षदों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में उचित जांच एवं कार्रवाई नहीं की गई, तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।
