सरगांव। माडल फार्म खजरी (सरगांव) में आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में आयोजित किसान सम्मेलन में हर्बल खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सम्मेलन का विषय फसल चक्र, वैल्यू एडिशन एवं मार्केटिंग रहा।
सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। पावन हर्बल के डायरेक्टर रामवतार अग्रवाल एवं अनिरुद्ध अग्रवाल ने हर्बल खेती को किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि देश-विदेश में आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि सही जानकारी और तकनीक के साथ हर्बल खेती अपनाकर किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सहयोग से होम प्रकाश साहू एवं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार से चन्द्रशेखर बघेल ने किसानों के स्वास्थ्य और भूमि की उर्वरता पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक कृषि की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
सम्मेलन के आयोजक यश मिश्रा ने आत्मनिर्भर किसान बनने की अवधारणा पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती में नए प्रयोग अपनाना, बाजार की मांग को समझना और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने किसानों को मोबाइल ऐप, ऑनलाइन बाजार और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य संजीव नेताम, सरपंच रामू साहू, चिंतामणी बंजारे, शीतल राजपूत, जन्मेजय, विष्णु राजपूत, ललित यादव, रामकुमार कौशिक सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।















