सरगांव।
मुंगेली जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू में परंपरागत छेरछेरा पुन्नी मेला 26 दिसंबर 2025 से श्रद्धा, आस्था और उल्लास के वातावरण में निरंतर जारी है। यह ऐतिहासिक मेला आगामी 4 जनवरी 2026 को मातर पर्व के साथ विधिवत रूप से सम्पन्न होगा। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत आयोजित यह मेला क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का जीवंत प्रतीक माना जाता है, जिसमें प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं पर्यटक शामिल होते हैं।

मेले के पावन अवसर पर दशकों से निरंतर शिव पुराण कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। इस वर्ष कथा व्यास पंडित रवि शर्मा जी द्वारा भगवान शिव की महिमा, लीला और उपासना पर आधारित शिव पुराण कथा का भावपूर्ण, सरल एवं रसपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। संपूर्ण क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है।
शिवनाथ नदी की तीन धाराओं से घिरा मदकू द्वीप अपने आप में पुरातात्विक महत्व, समृद्ध जैव विविधता, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। द्वीप पर स्थित प्राचीन मंदिरों के अवशेष, शिवलिंग, प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण न केवल श्रद्धालुओं को, बल्कि इतिहास एवं प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहे हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा-अर्चना एवं नदी स्नान कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं।
मेले में खान-पान की दुकानें, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने, आभूषण सहित विभिन्न अस्थायी दुकानें सजी हैं। बच्चों एवं युवाओं के मनोरंजन के लिए झूले और अन्य साधन भी लगाए गए हैं। आसपास के ग्रामीण परिवार परिजनों के साथ मेले का आनंद ले रहे हैं। यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, आपसी मेल-जोल और स्थानीय व्यापार को भी सशक्त रूप से बढ़ावा दे रहा है।
हालांकि, बीते वर्ष मेले के दौरान दो पक्षों के युवकों के बीच हुए विवाद में चाकूबाजी की घटना में एक युवक की दुखद मृत्यु हो गई थी, जिससे ग्रामीणों में आज भी चिंता बनी हुई है। इस घटना से सबक लेते हुए इस वर्ष पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मेले में पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि छेरछेरा पुन्नी मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धामय वातावरण में सम्पन्न हो, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर धार्मिक अनुष्ठानों एवं मेले का आनंद ले सकें। वहीं ग्रामीणजन भी सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न होने देने की अपेक्षा जता रहे हैं।
कुल मिलाकर, श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू में आयोजित छेरछेरा पुन्नी मेला इस वर्ष भी श्रद्धा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का संदेश देते हुए क्षेत्रीय जनजीवन में उत्साह और उल्लास का संचार कर रहा है।
