सरगांव – विकासखंड में समावेशी शिक्षा अंतर्गत वातावरण निर्माण एवं गैप आइडेंटिफिकेशन फॉर आउट ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों के साथ सामान्य बच्चों का दो दिवसीय प्रशिक्षण बीआरसी पथरिया में सफलतापूर्वक 28 व 29 जनवरी 26 को आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग और सामान्य बच्चों के बीच संवेदनशीलता, सहयोग, समानता और सहभागिता की भावना विकसित करना रहा।

दो दिवस चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिव्यांगता के विभिन्न प्रकारों की जानकारी, संवेदनशीलता का विकास, दिव्यांग बच्चों के अधिकार, सहपाठी समूह का निर्माण, सांकेतिक भाषा एवं ब्रेल लिपि की आधारभूत जानकारी, समूह गतिविधियाँ, तथा दिव्यांग बच्चों को समर्थन एवं सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से यह सिखाया गया कि किस प्रकार सभी बच्चे एक-दूसरे की मदद करते हुए बिना भेदभाव के साथ आगे बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम में विकासखंड की माध्यमिक शालाओं से 160 तथा हायर सेकंडरी शालाओं से 40 विद्यार्थियों सहित कुल 200 बच्चों ने सहभागिता की। इसके साथ ही 18 पालकों ने भी प्रशिक्षण में भाग लेकर समावेशी शिक्षा के महत्व को समझा। पालकों को यह जानकारी दी गई कि वे अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास में किस प्रकार सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम का जिला स्तर पर अवलोकन जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) अशोक कश्यप एवं सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) लेखराम साहू द्वारा किया गया। वहीं ब्लॉक स्तर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रतिभा मंडलोई एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) रविपाल राठौर ने प्रशिक्षण का निरीक्षण कर इसे उपयोगी एवं प्रभावी बताया।
कार्यक्रम के समन्वयक बीआरसी अशोक यादव रहे, जबकि प्रभारी की जिम्मेदारी प्रिया यादव ने निभाई। प्रशिक्षण को सफल बनाने में मास्टर ट्रेनर जगदीश टंडन, दीपक पोर्ते, पुष्पलता सोनवानी, नारायणी कश्यप, सीता साहू, मोहन लहरी एवं तरुण रामपुरिक का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के लिए नाश्ता, चाय एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार (गिफ्ट) भी प्रदान किए गए। उपस्थित अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं पालकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समावेशी शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया।















