शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम पूर्णता और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने पर दिया विशेष जोर
सरगांव -शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मोहन लाल पटेल एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी पथरिया डॉ. श्रीमती प्रतिभा मण्डलोई द्वारा संकुल चुनचुनिया के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्राथमिक शाला सल्फा, पूर्व माध्यमिक शाला सल्फा तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चुनचुनिया का भ्रमण कर विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से अध्यापन कार्य, पाठ्यक्रम की प्रगति तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ’90+ गुणवत्ता अभियान’ को गंभीरता एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार लाना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित कक्षा अध्यापन, विषयवार कठिनाइयों का समाधान तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।अधिकारियों ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और अनुशासित विद्यालय विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ ही अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए अधिकारियों ने शिक्षकों को सह-संज्ञानात्मक गतिविधियों के नियमित आयोजन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल, रचनात्मकता एवं सामाजिक व्यवहार का विकास भी आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, प्रश्नोत्तरी, समूह चर्चा तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति में वृद्धि को भी निरीक्षण का प्रमुख बिंदु बनाया गया। अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों एवं उनके पालकों से संपर्क स्थापित करें तथा बच्चों को नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। पालकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सतत प्रयास किए जाएं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मोहन लाल पटेल एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ. श्रीमती प्रतिभा मण्डलोई ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार लाते हुए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना, शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना रहा। निरीक्षण के दौरान समन्वयक भगवती प्रसाद मिश्र भी उपस्थित रहे।























