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मुंगेली के लाइफलाइन हॉस्पिटल पर आयुष्मान मरीज से 40 हजार रुपये वसूलने का आरोप, परिजनों ने की शिकायत

आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद छह दिन के इलाज में नकद और ऑनलाइन भुगतान लेने का दावा; इलाज रोकने की धमकी देने का भी आरोप, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मुंगेली। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना संचालित की जा रही है। लेकिन मुंगेली जिले के रायपुर रोड स्थित लाइफलाइन हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्डधारक मरीज से कथित रूप से अतिरिक्त राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर पैसे मांगने, भुगतान नहीं करने पर इलाज रोकने की धमकी देने और परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

आयुष्मान कार्ड के बावजूद 40 हजार रुपये लेने का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को पथरिया तहसील के ग्राम गंगद्वारी निवासी नीतीश आनंद को उपचार के लिए रायपुर रोड स्थित लाइफलाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि मरीज के पास वैध आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल में छह दिनों के उपचार के दौरान उनसे लगभग 40 हजार रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से लिए गए।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा बार-बार भुगतान के लिए दबाव बनाया गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जब उन्होंने तत्काल पैसे देने में असमर्थता जताई और इलाज जारी रखने की गुहार लगाई, तो कथित रूप से उपचार रोकने की धमकी दी गई। मजबूरी में परिजनों को पैसों की व्यवस्था कर भुगतान करना पड़ा।

अस्पताल प्रबंधन के व्यवहार पर भी उठे सवाल

मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि अपनी समस्या बताने या जिम्मेदार डॉक्टर एवं उच्च प्रबंधन से मुलाकात करने में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

परिजनों का कहना है कि मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, लेकिन अस्पताल में शिकायत सुनने और समाधान करने की उचित व्यवस्था नहीं दिखाई दी।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग

परिजनों के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला कलेक्टर और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।

परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत किए गए उपचार, मरीज से लिए गए भुगतान, बिलिंग रिकॉर्ड और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयुष्मान कार्डधारक मरीज से लगभग 40 हजार रुपये लिए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है? क्या अस्पताल ने योजना के नियमों के विपरीत भुगतान लिया या इसके पीछे कोई अन्य कारण था? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित पक्षों का बयान लेना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और मरीजों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

रिपोर्टर: मनहरण बंजारे

बिल्हा एक्सप्रेस न्यूज़ | मुंगेली

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