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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने कलेक्टर मुंगेली को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन, आंगनबाड़ियां रहेंगी बंद

मुंगेली – छत्तीसगढ़ प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज मुंगेली जिले के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर मुंगेली के माध्यम से मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 27 अक्टूबर 2026 को पूरे प्रदेश में एक साथ आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को श्रम कानून के अनुरूप ₹30,000 तथा सहायिकाओं को ₹25,500 प्रतिमाह मानदेय, सहायिका से कार्यकर्ता पद पर सीधी पदोन्नति, समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, आकस्मिक मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति एवं आर्थिक सहायता, सेवानिवृत्ति पर सम्मानजनक आर्थिक लाभ तथा प्रतिवर्ष मानदेय वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह आंदोलन केवल मुंगेली जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एक साथ संचालित किया जा रहा है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 27 अक्टूबर को प्रदेशभर की आंगनबाड़ियां पूरी तरह बंद रहेंगी। इसके कारण लाखों बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण सेवाएं, देखभाल, टीकाकरण से जुड़े सहयोगी कार्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की अनेक योजनाएं प्रभावित होंगी।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सरकार का ध्यान वर्षों से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदेश संचालक सुधा रात्रे ने कहा कि “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बेहद कम मानदेय में पूरी निष्ठा के साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। अब प्रदेशभर की बहनों ने लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष का निर्णय लिया है। यह आंदोलन किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकार और सम्मानजनक जीवन के लिए है। यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।”

जिलाध्यक्ष प्रभा डहरिया ने कहा कि “महंगाई के इस दौर में वर्तमान मानदेय पर परिवार का पालन-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से विभागीय कार्यों के साथ-साथ अनेक शासकीय जिम्मेदारियां भी निभाई जाती हैं, लेकिन उनके अनुरूप सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है। हमारी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। यदि सरकार ने इन्हें शीघ्र स्वीकार नहीं किया तो 27 अक्टूबर को जिले सहित पूरे प्रदेश में आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रभा डहरिया (जिलाध्यक्ष), अंजुला सिंह (जिला सचिव), मामती दिवाकर (ब्लॉक अध्यक्ष पथरिया), मीनाक्षी लाल (ब्लॉक अध्यक्ष मुंगेली), अनिता आडिल, नबीर खान, कुन्ती घृतलहरे (सेक्टर अध्यक्ष), पुष्पा (कोषाध्यक्ष) एवं प्रमिला ठाकुर (कार्यकारिणी सदस्य) सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।

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