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बिल्हा के युगपुरुष धरमलाल कौशिक: जनसेवा, विकास और संस्कार की राजनीति का जीवंत प्रतीक


बिलासपुर
बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक, छत्तीसगढ़ की राजनीति में सादगी, संघर्ष और सिद्धांतों की मिसाल माने जाने वाले धरमलाल कौशिक आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। यह दिन केवल उनका व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि बिल्हा विधानसभा के विकास, विश्वास और जनसेवा के स्वर्णिम अध्यायों को याद करने का अवसर है।


धरमलाल कौशिक को यूँ ही “बिल्हा का युगपुरुष” नहीं कहा जाता। दशकों से वे जिस तरह जनता के सुख-दुख में सहभागी बने रहे हैं, उसने उन्हें एक नेता नहीं बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में स्थापित किया है।


 संघर्ष से शिखर तक: धरमलाल कौशिक की प्रेरक जीवनी..
साधारण कृषक परिवार में जन्मे धरमलाल कौशिक ने अपने जीवन की शुरुआत ज़मीनी संघर्षों से की। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी के सशक्त स्तंभ बने।
उन्होंने कभी राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। यही कारण है कि वे चार बार बिल्हा विधानसभा से विधायक चुने गए और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामय पद तक पहुँचे।

राजनीतिक जीवन एवं उपलब्धियाँ
  कौशिक जी ने 1998 में पहली बार बिल्हा विधानसभा से विधायक के रूप में चुने जाने का गौरव प्राप्त किया।
  इसके बाद वे 2008 और 2018 में भी विधायक चुने गए और 2009 से 2014 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) के रूप में कार्य किया।

2014 से 2019 तक उन्होंने छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
2019 में विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दायित्व भी मिला।


️ बिल्हा विधानसभा में विकास की मजबूत नींव
धरमलाल कौशिक के कार्यकाल में बिल्हा विधानसभा ने बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक विकास तक उल्लेखनीय प्रगति की—
प्रमुख विकास कार्य
1.ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़क नेटवर्क का विस्तार
2.पेयजल योजनाओं से हर घर जल की दिशा में ठोस पहल
3.सरकारी स्कूलों के भवन, अतिरिक्त कक्ष और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार
4.सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार
5.किसानों के लिए सिंचाई, बिजली और कृषि सहायता योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करना
6.गरीब, आदिवासी और वंचित वर्ग के लिए आवास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
धरमलाल कौशिक की सबसे बड़ी विशेषता रही कि सरकारी योजनाएँ कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुँचीं।


जनता से सीधा संवाद, नेता नहीं सेवक
आज भी बिल्हा क्षेत्र में कोई समस्या हो — सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा या इलाज — जनता का पहला भरोसा धरमलाल कौशिक ही होते हैं। बिना तामझाम, बिना दूरी, वे सीधे आम नागरिक से संवाद करते हैं।
राजनीतिक विरोधी भी यह मानते हैं कि कौशिक जी की पहचान संतुलित, मर्यादित और मुद्दों पर आधारित राजनीति है।


जन्मदिन पर उमड़ी शुभकामनाओं की बाढ़
आज (1 फरवरी) उनके जन्मदिन के अवसर पर बिल्हा विधानसभा सहित पूरे बिलासपुर जिले में समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल है। जगह-जगह बधाई संदेश, सोशल मीडिया पर शुभकामनाएँ और उनके दीर्घायु जीवन की कामनाएँ की जा रही हैं।


“धरमलाल कौशिक जी जैसे नेता राजनीति को सम्मान देते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दीर्घायु हों और इसी तरह बिल्हा एवं छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहें।”


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धरमलाल कौशिक केवल एक विधायक नहीं, बल्कि एक विचार, एक भरोसा और एक युग हैं। बिल्हा विधानसभा की पहचान उनके नाम से जुड़ चुकी है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देता है कि ईमानदारी, परिश्रम और जनसेवा से राजनीति को भी पूजा बनाया जा सकता है।

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