सरगांव।
स्थानीय त्रिमूर्ति पब्लिक स्कूल अंचल का एक उत्कृष्ट आवासीय सीबीएसई विद्यालय है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले अधिकांश हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों ने हमेशा अपने बेहतर प्रदर्शन से विद्यालय और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के छात्रों ने इस वर्ष भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय की छात्रा श्रेय सिंह, सुपुत्री श्री सनत कुमार ठाकुर, ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
अंकित सोनी, सुपुत्र श्री बुद्धेश्वर सोनी, ने 80 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

रुद्र प्रताप मिश्रा, सुपुत्र श्री सूर्यप्रताप मिश्रा, ने 75 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सार्थक जायसवाल, सुपुत्र श्री सुरेश प्रसाद जायसवाल, ने 74.33 प्रतिशत अंकों के साथ चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
वहीं ईशान तंबोली, सुपुत्र श्री ध्रुव कुमार तंबोली, ने 73.67 प्रतिशत अंकों के साथ पंचम स्थान अर्जित किया।
इन छात्र-छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, माता-पिता तथा विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। उनका कहना था कि विद्यालय का वातावरण उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहा और कभी हतोत्साहित नहीं होने दिया।
विद्यालय के प्रबंध संचालक श्री राजेश त्रिवेदी, प्राचार्य श्री सुशांत स्वपन देव तथा समस्त शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
श्री त्रिवेदी ने बताया कि अंचल के बच्चों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए इस वर्ष से कई नए शैक्षणिक प्रयास किए गए हैं, जिनमें स्थानीय स्तर पर NEET एवं JEE की कोचिंग, करियर गाइडेंस कक्षाएँ, स्मार्ट क्लासेस की संख्या में वृद्धि तथा कुशल शिक्षकों की नियुक्ति शामिल है। इन प्रयासों से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि और बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़े एवं वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ शिक्षा और जागरूकता का अभाव है, वहाँ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद विद्यालय निरंतर प्रयासरत है और बेहतर परिणाम की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम लगभग 90 प्रतिशत रहा। साथ ही, जिन विद्यार्थियों को अपने परिणाम से संतुष्टि नहीं है, उनके लिए द्वितीय प्रयास (इम्प्रूवमेंट) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके लिए कई छात्र आवेदन कर रहे हैं।
















