- 15-17 दिन से टूटे पड़े एलटी लाइन को दुरुस्त करने में जे.ई. ने नहीं ली रूचि, काम के बदले लाइनमैन मांगते हैं रिश्वत
- 4 दिनों बाद बरामद हुआ मृतक का शव; परिजनों में मातम और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
- कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, 7 दिनों में दोषी अधिकारीयों पर कार्यवाही व उचित मुआवजा नहीं मिलने पर तिफरा स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी
बिलासपुर:
बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सेवती में विद्युत विभाग की अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार के कारण एक दुखद एवं दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के 28 वर्षीय युवा कोटवार की विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण करंट कि चपेट में आने से अकाल मृत्यु हो गई। घटना के तीन-चार दिनों बाद तार से चिपका मिला मृतक की लाश, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और भारी रोष का माहौल है।
मामले की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए कांग्रेस नेता लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा, “विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था और अधिकारी-कर्मचारियों की अकर्मण्यता ने एक होनहार युवा कोटवार की जान ले ली है। यदि विभाग समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाता तो आज एक हंसता-खेलता परिवार इस तबाही से बच जाता।”
मामले की पृष्ठभूमि अत्यंत संवेदनशील है। ग्राम पंचायत सेवंती में एलटी लाइन का तार पिछले 15-17 दिनों से टूटकर गिरा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी लिखित एवं मौखिक सूचना विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तथा जूनियर इंजीनियर को समय रहते दे दी थी। सूचना मिलने के बावजूद जब लाइनमैन मौके पर पहुंचा, तो वे बिना कार्य सुधारे चले गए ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन बिना पैसों के काम नहीं करते। विद्युत विभाग के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और भ्रष्टाचार के कारण यह बड़ा हादसा घटित हुआ।
इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से उनके निवास स्थान पर पहुंचकर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता लक्ष्मीनाथ साहू, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष सुनील साहू, जिला शहर महामंत्री महेश ठाकुर, मंडल अध्यक्ष संत सर्वे, स्थानीय जनप्रतिनिधि हेमंत मनहर, युवा कांग्रेस नेता राहुल राजपूत, अक्षय नवरंग, प्रेम प्रकाश कुर्रे, राहुल भारद्वाज, पंचायत उप सरपंच तथा ग्रामीण शामिल रहे।
नेताओं ने मृतक के माता-पिता एवं भाइयों से गहन चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासत किया कि हम इस लड़ाई को अंतिम अंजाम तक लड़ेंगे । प्रतिनिधिमंडल ने आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन से दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त जांच कर दंडात्मक कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु संपूर्ण विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की पुरजोर मांग की जाएगी।
प्रतिनिधिमण्डल ने स्पष्ट किया कि यदि 7 दिनों के भीतर शासन-प्रशासन द्वारा दोषी अधिकारियों- कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और पीड़ित परिवार को सम्मानजनक मुआवजा देने का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे ।
आगामी 14 अक्टूबर को तिफरा स्थित विद्युत विभाग के मुख्यालय (चीफ इंजीनियर कार्यालय) का घेराव किया जाएगा, ज्ञापन सौंपा जाएगा और जब तक न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।






















