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₹5 लाख का गबन? बिना काम कराए 8 प्रस्तावों में राशि निकासी का आरोप

किरना पंचायत में सरपंच पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप, उप-सरपंच व पंचों ने कलेक्टर से की जांच की मांग

सरगांव। मुंगेली जिले के पथरिया जनपद पंचायत अंतर्गत सरगांव तहसील के ग्राम पंचायत किरना में सरपंच जलवती घृतलहरे पर बिना कार्य कराए लगभग 5 लाख रुपये की शासकीय राशि निकालने का गंभीर आरोप लगा है। उप-सरपंच एवं अधिकांश पंचों ने कलेक्टर जनदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुंगेली को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  शिकायत के अनुसार, पंचायत में 15वें वित्त आयोग की मूलभूत अनुदान राशि से निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के नाम पर आठ प्रस्तावों के माध्यम से करीब 5 लाख रुपये का आहरण किया गया, जबकि आरोप है कि संबंधित कार्य धरातल पर नहीं कराए गए। पंचों का कहना है कि कई मामलों में पंचायत की विधिवत स्वीकृति के बिना तथा फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पंचायत की आय के अन्य स्रोतों, जैसे मकान टैक्स और बाजार नीलामी से प्राप्त राजस्व में भी अनियमितताएं हुई हैं।

  उनका कहना है कि जब पंचों ने वित्तीय गड़बड़ियों का विरोध किया तो उन्हें झूठे प्रकरणों में फंसाने, एफआईआर दर्ज कराने और जेल भेजने की धमकियां दी गईं, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों में भय और असंतोष का माहौल है।

उप-सरपंच की सील एवं हस्ताक्षर के साथ सौंपे गए शिकायत पत्र पर दुर्गेश निमलकर, गीता साहू, रविता, कलावती, टिकेश्वरी, पुनऊराम, श्यामकली, व्यास नारायण साहू सहित कई पंचों के हस्ताक्षर हैं।

शिकायत में पंचायत के वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों, भुगतान संबंधी दस्तावेजों तथा संबंधित प्रस्तावों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं।

शिकायत में लगाए गए 9 प्रमुख आरोप

  1. फर्जी सफाई कार्य का आरोप
    तालाब एवं नालियों की सफाई के नाम पर पंचायत निधि से राशि आहरित की गई, जबकि शिकायत के अनुसार मौके पर कोई सफाई कार्य नहीं कराया गया।
  2. मुरूम रोड पैचिंग में वित्तीय अनियमितता
    मुरूम रोड पैचिंग कार्य के लिए 95 हजार 2 सौ रुपए का स्वीकृत एस्टीमेट होने के बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए 1 लाख 50 हजार रूपए का आहरण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
  3. बाजार नीलामी एवं मकान टैक्स की राशि में गड़बड़ी
    साप्ताहिक बाजार नीलामी और मकान टैक्स से प्राप्त राशि को एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पंचायत के खाते में जमा नहीं कराए जाने का आरोप है।
  4. राष्ट्रीय मिष्ठान के नाम पर अधिक खर्च
    राष्ट्रीय पर्वों पर ‘राष्ट्रीय मिष्ठान’ वितरण के नाम पर 59 हजार रूपए की राशि निकाले जाने को शिकायतकर्ताओं ने संदिग्ध बताया है।
  5. चाय-नाश्ते के नाम पर फर्जी भुगतान
    पंचायत की बैठकों के दौरान चाय-नाश्ते के नाम पर 40 हजार रूपए का कथित फर्जी आहरण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
  6. सोशल ऑडिट टीम के भोजन पर दोहरा भुगतान
    सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) दल के भोजन की व्यवस्था शासन स्तर से होने के बावजूद पंचायत निधि से 14 हजार 7 सौ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किए जाने की शिकायत की गई है।
  7. बिना बिल-वाउचर राशि आहरण
    मूलभूत मद से 38 हजार रूपए एवं 20 हजार रूपए सहित अन्य राशियां बिना वैध बिल, वाउचर और पंचायत प्रस्ताव के दबाव बनाकर निकाले जाने का आरोप है।
  8. वॉटर पंप रिपेयरिंग के नाम पर फर्जी भुगतान
    गांव में मोटर पंप मरम्मत कार्य के नाम पर बिना वास्तविक कार्य कराए लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है।
  9. आंगनबाड़ी भवन का मटेरियल बिना नीलामी बेचना
    डिस्मेंटल किए गए आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 का सरिया, ईंट एवं अन्य मलबा पंचायत की सहमति और विधिवत नीलामी प्रक्रिया के बिना मनमाने ढंग से बेचने का आरोप लगाया गया है।

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