पथरिया – शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के आक्रामक तेवर और प्रस्तावित घेराव आंदोलन से पूर्व प्रशासन ने सकारात्मक पहल करते हुए अधिकांश मांगों पर कार्य पूर्ण कर लिया, जबकि शेष मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। इसी के चलते शनिवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पथरिया में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में 12 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रस्तावित घेराव फिलहाल टाल दिया गया।उल्लेखनीय है कि संयुक्त शिक्षक संघ द्वारा 19 जून 2026 को शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी पथरिया को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया था।
संगठन ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन एवं कार्यालय घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन को युवक कांग्रेस कमेटी पथरिया द्वारा भी समर्थन दिए जाने के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया। बताया गया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अवकाश के दिनों में भी दिन-रात कार्य कर लंबित प्रकरणों का निराकरण करने का प्रयास किया, जिससे अधिकांश मांगों पर प्रगति संभव हो सकी।
शनिवार को आयोजित बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संयुक्त शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के मध्य सभी 12 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि अधिकांश शिक्षकों की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) का संधारण पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। सभी सेवा पुस्तिकाओं को क्रमांकित कर पृथक पंजी भी संधारित की गई है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीजी-टेट एवं सी-टेट की प्रविष्टि के लिए पृथक अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी तथा पात्र शिक्षक अपने प्रमाण-पत्र के आधार पर सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करा सकेंगे। उच्च शैक्षणिक योग्यता का संधारण भी आवेदन एवं अनुमति के आधार पर किया जाएगा। शिक्षकों को ई-कोष से वर्षवार जीपीएफ पासबुक निकालकर संबंधित डीडीओ से सत्यापित कर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। बैठक में पंचायत संवर्ग के शिक्षकों के लंबित एरियर्स पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने संगठन को जानकारी दी कि 909 शिक्षकों के ₹1,11,48,908 की लंबित एरियर्स राशि का विवरण तैयार कर संगठन को उपलब्ध करा दिया गया है तथा इसके निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया।
कार्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर संगठन ने कड़ा रुख अपनाया। इस पर प्रशासन ने बताया कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-3 (खंड प्रभारी) को तत्काल निलंबित किया गया है तथा भविष्य में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किसी प्रकार की अवैध धनराशि की मांग की जाती है तो तत्काल सूचना देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत देने के लिए अब सभी प्रकार के आवेदन केवल संकुल केंद्र के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक छह माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने तथा इसकी शुरुआत 2 जुलाई 2026 से किए जाने की जानकारी दी गई। संगठन एवं कार्यालय के मध्य मधुर समन्वय बनाए रखते हुए शिक्षकों के हित में सकारात्मक कार्य करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति बनी।।वेतनवृद्धि के संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी स्तर का है तथा आदेश प्राप्त होते ही लंबित वेतनवृद्धि बहाल करने की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही कार्यालय में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर आवक क्रमांक एवं दिनांक अंकित कर उसे अलग से क्रमांकित पंजी में नस्तीबद्ध किया जाएगा, जिससे संबंधित प्रकरणों की समयबद्ध निगरानी एवं निराकरण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मंडलोई, एबीईओ यतेंद्र भास्कर एवं मुख्य लिपिक बलदाऊ कौशिक उपस्थित रहे। संयुक्त शिक्षक संघ की ओर से राजेन्द्र ठाकुर (प्रांतीय प्रतिनिधि), मोहन लहरी (संभागाध्यक्ष, बिलासपुर), लक्ष्मीकांत जडेजा (जिलाध्यक्ष, मुंगेली), नारायणी कश्यप (महिला जिलाध्यक्ष), बलजीत सिंह कांत (कार्यकारी जिलाध्यक्ष), शैलेश कुर्रे (जिला प्रवक्ता), शिव कौशिक (ब्लॉक अध्यक्ष, पथरिया), रंजना सिंह (महिला ब्लॉक अध्यक्ष), शमीम बानो (महिला ब्लॉक सचिव) एवं राधिका सोनी (महिला कोषाध्यक्ष, मुंगेली) उपस्थित रहे।।बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। संयुक्त शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सदैव समर्पित है तथा पथरिया विकासखंड शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने कार्यालय में आमूलचूल परिवर्तन, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं शिक्षक हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिन मांगों पर अभी कार्यवाही प्रगति पर है, उनकी लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण नहीं हुआ तो संगठन भविष्य में पुनः लोकतांत्रिक एवं प्रभावी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।

