सरगांव (मुंगेली)।
जनपद पंचायत पथरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत किरना में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी जांच दल द्वारा पूर्व सरपंच के कार्यकाल की राशि सही पाए जाने और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा भुगतान के स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद, वर्तमान सरपंच द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पीड़ित पूर्व सरपंच ने अब न्याय के लिए जनपद सीईओ, एसडीएम (SDM) और कलेक्टर तक के चक्कर काटे हैं, लेकिन नतीजा अब तक सिफर रहा है।

क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत किरना के पूर्व सरपंच वरुण कुमार साहू ने अपने कार्यकाल के दौरान पंचायत में टसर केन्द्र फेंसिंग, बोर खनन, पावर पंप स्थापना, सामुदायिक शौचालय और धर्मशाला जीर्णोद्धार जैसे कई विकास कार्य कराए थे। इन कार्यों की राशि का भुगतान न मिलने पर उन्होंने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत (कॉल सेंटर केश क्रमांक 10243) दर्ज कराई थी।

शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल ने 13 अप्रैल 2026 को मौका जांच और अभिलेखों का भौतिक सत्यापन किया था। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से पुष्टि हुई कि पूर्व सरपंच श्री वरुण कुमार साहू को कुल 7,28,001 रुपये का भुगतान किया जाना शेष है।
सीईओ के आदेश को भी वर्तमान सरपंच ने दिखाया ठेंगा
जांच रिपोर्ट के आधार पर सीईओ जनपद पंचायत पथरिया ने 8 मई 2026 को पत्र क्रमांक 557 जारी कर वर्तमान सरपंच और सचिव को आदेश दिया था कि वे नियमानुसार इस राशि का तत्काल भुगतान कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। लेकिन आज दिनांक तक इस आदेश पर अमल नहीं किया गया है। वर्तमान सरपंच द्वारा राशि रोकने के कारण विकास कार्यों का भुगतान अधर में लटका हुआ है।
अधिकारी मौन, पीड़ित परेशान
हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पूर्व सरपंच द्वारा राशि भुगतान के लिए जनपद सीईओ, एसडीएम और स्वयं जिले के कलेक्टर को भी लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद वर्तमान सरपंच के खिलाफ अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है और न ही भुगतान कराया जा सका है।
प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशों की इस तरह अवहेलना होना पूरे पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिला कलेक्टर वर्तमान सरपंच की इस तानाशाही पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।

