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वी.एस.के. ऐप की तकनीकी खामियों पर संयुक्त शिक्षक संघ का मोर्चा, वेतन कटौती हुई तो होगा डीपीआई कार्यालय का घेराव

सरगांव – वी.एस.के. ऐप आधारित उपस्थिति प्रणाली में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं तथा ऐप आधारित उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान के आदेश का छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक ऐप की तकनीकी त्रुटियों का स्थायी एवं प्रभावी समाधान नहीं किया जाता, तब तक उपस्थिति के आधार पर किसी भी प्रकार की वेतन संबंधी कार्रवाई शिक्षकों के साथ अन्याय होगी। उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए वी.एस.के. ऐप लागू किया गया है। वहीं, डीपीआई के निर्देशानुसार जुलाई माह से इसी ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। इस निर्णय को लेकर शिक्षकों में व्यापक चिंता व्याप्त है।संघ का कहना है कि वी.एस.के. ऐप में अनेक तकनीकी समस्याएँ लगातार सामने आ रही हैं। इनमें शाला में उपस्थित होने के बावजूद गलत लोकेशन प्रदर्शित होना, उपस्थिति के निर्धारित समय प्रातः 10 बजे एवं सायं 4 बजे सर्वर का डाउन रहना, कमजोर इंटरनेट अथवा मोबाइल नेटवर्क के कारण उपस्थिति दर्ज न हो पाना, जीपीएस की त्रुटियों से सही स्थान पर होने के बावजूद उपस्थिति अस्वीकार होना, ऐप का बार-बार हैंग या क्रैश होना, सफलतापूर्वक उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी रिकॉर्ड में दिखाई न देना, पुराने मोबाइल उपकरणों पर ऐप का सुचारु रूप से कार्य न करना, बिजली एवं नेटवर्क बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव, दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या, हेल्पडेस्क द्वारा समय पर समाधान न मिलना तथा ऑफलाइन अथवा मैनुअल उपस्थिति का विकल्प उपलब्ध न होना जैसी गंभीर समस्याएँ शामिल हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी त्रुटियों का दायित्व शिक्षकों पर नहीं थोपा जा सकता। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल, संभाग अध्यक्ष (बिलासपुर) मोहन लहरी, जिला अध्यक्ष (मुंगेली) लक्ष्मीकांत जडेजा, महिला जिलाध्यक्ष नारायणी कश्यप, कार्यकारी जिला अध्यक्ष बलजीत सिंह कांत, जिला प्रवक्ता शैलेश कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष शिव कौशिक तथा महिला ब्लॉक अध्यक्ष रंजना पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि वी.एस.के. ऐप की तकनीकी खामियों को दूर किए बिना शिक्षकों का एक दिन का भी वेतन रोका या काटा गया, तो संघ डीपीआई कार्यालय का घेराव करेगा। आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर से लेकर न्यायालय तक लोकतांत्रिक एवं चरणबद्ध आंदोलन भी किया जाएगा। संघ ने शासन से मांग की है कि पहले वी.एस.के. ऐप की सभी तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद ही उपस्थिति को वेतन अथवा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का आधार बनाया जाए। संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार की चिंता न करें। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ प्रत्येक शिक्षक के अधिकार, सम्मान और न्याय की रक्षा के लिए सदैव उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

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