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छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष बने लखन कुर्रे, प्रांतीय वर्चुअल बैठक में समन्वयकों की समस्याओं और संगठन विस्तार पर हुई चर्चा

रायपुर – छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ की प्रांतीय वर्चुअल बैठक का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष पूर्णानंद मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में संगठन के विस्तार, समन्वयकों की समस्याओं तथा शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से लखन कुर्रे को संघ का कार्यकारी प्रांताध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष पूर्णानंद मिश्रा ने कहा कि संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

  उनके अधिकारों, सम्मान और कार्यगत समस्याओं के समाधान के लिए संगठन निरंतर प्रयासरत रहेगा।कार्यकारी अध्यक्ष रामचंद्र सोनवंशी ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने तथा समन्वयकों की वास्तविक समस्याओं को शासन एवं विभाग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है। उपाध्यक्ष ओमप्रकाश बघेल ने संगठनात्मक एकता और समन्वयकों के हितों की रक्षा के लिए सभी पदाधिकारियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में बस्तर संभाग से नितेश उपाध्याय (जिलाध्यक्ष कांकेर) एवं प्रेम प्रकाश चापड़ी (जिलाध्यक्ष बीजापुर) ने कहा कि समन्वयकों को शिक्षण गुणवत्ता सुधार के लिए पर्याप्त अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। दुर्ग संभाग प्रभारी कमलेश साहू (बेमेतरा) तथा मुरली झरिया (जिलाध्यक्ष कबीरधाम) ने समन्वयकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों पर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें सीमित करने की मांग की। रायपुर संभाग अध्यक्ष आशीष साहू ने कहा कि समन्वयकों की भूमिका को सकारात्मक रूप से प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि विभाग एवं समाज में उनके प्रति गलत धारणाओं का निराकरण हो सके।

  बिलासपुर संभाग से नेमीचंद भास्कर (जिलाध्यक्ष मुंगेली) तथा विकास रंजन सिन्हा (जिलाध्यक्ष रायगढ़) ने अर्जित अवकाश की प्रविष्टि सभी समन्वयकों की सेवा पुस्तिका में सुनिश्चित कराने की मांग रखी। सरगुजा संभाग से अशोक गुप्ता (जिलाध्यक्ष कोरिया), राजकुमार सिंह (जिलाध्यक्ष सूरजपुर) एवं सत्यम सिंह नायक (जिलाध्यक्ष जशपुर) ने समन्वयकों की कार्यप्रणाली एवं अन्य राज्यों में संचालित व्यवस्थाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में बेहतर मॉडल विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बस्तर जिलाध्यक्ष शरद श्रीवास्तव, सुकमा जिलाध्यक्ष फिरोज खान, कोंडागांव जिलाध्यक्ष शुभाऊ नेताम, दुर्ग जिलाध्यक्ष ललित बिजौर, बालोद जिलाध्यक्ष पारख देवांगन, मोहला-मानपुर जिलाध्यक्ष आर.के. नंदे, रायपुर जिलाध्यक्ष हरीश दीवान, धमतरी जिलाध्यक्ष लोकेश पाण्डेय, महासमुंद जिलाध्यक्ष अनिल ढीढी, गरियाबंद जिलाध्यक्ष विनोद सिन्हा, जांजगीर-चांपा जिलाध्यक्ष निधिलता जायसवाल, सारंगढ़ जिलाध्यक्ष भागवत साहू, सक्ती जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह राठौर, सरगुजा जिलाध्यक्ष उमेश मिश्रा तथा एमसीबी जिलाध्यक्ष गणेश यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन शिक्षामंत्री के आतिथ्य में कराने का प्रयास, समन्वयकों की समस्याओं से विभाग को अवगत कराना, संगठन का पुनर्गठन एवं नई नियुक्तियां, अन्य राज्यों में समन्वयकों को दिए जा रहे दायित्वों का अध्ययन, सभी समन्वयकों के अर्जित अवकाश को सेवा पुस्तिका में दर्ज कराने की पहल, समन्वयकों के विरुद्ध बनाए जा रहे नकारात्मक नैरेटिव को दूर करने के प्रयास तथा समन्वयकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लिए जाने पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं। बैठक के अंत में नवनियुक्त कार्यकारी प्रांताध्यक्ष लखन कुर्रे ने सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन समन्वयकों के सम्मान, अधिकार और शैक्षणिक गुणवत्ता के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करेगा।

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