बिलासपुर। कनौजे रजक समाज की मेधावी छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने एवं उनकी प्रतिभा का सम्मान करने के उद्देश्य से ‘श्रीमती स्वर्गीय मिथिलेश निर्मलकर स्मृति बालिका प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को ग्राम नरियरा, जिला जांजगीर-चांपा में किया जाएगा। इस समारोह के लिए वर्ष 2026 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
आयोजन समिति के संयोजक बद्री विशाल निर्मलकर ने बताया कि अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती मिथिलेश निर्मलकर की पावन स्मृति में पिछले कई वर्षों से इस सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष उनकी सप्तम पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम समाज की प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का एक सार्थक प्रयास है।
उन्होंने बताया कि पात्र छात्राओं को अपनी 10वीं या 12वीं की अंकसूची की छायाप्रति 25 अगस्त 2026 तक व्हाट्सएप के माध्यम से निर्धारित मोबाइल नंबरों पर भेजनी होगी। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्राप्त अंकों के आधार पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया अपनाते हुए दोनों कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्राओं का चयन किया जाएगा।
सम्मान समारोह में प्रथम पुरस्कार ₹3,100, द्वितीय पुरस्कार ₹2,100 तथा तृतीय पुरस्कार ₹1,100 के साथ प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा। वहीं, चयनित पुरस्कार विजेताओं के अतिरिक्त सभी पात्र छात्राओं को भी ₹501, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक मेधावी छात्रा का उत्साहवर्धन हो सके।
चयनित छात्राओं को 4 सितंबर 2026 को ग्राम नरियरा में आयोजित सम्मान समारोह में परिवार सहित आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे और छात्राओं का उत्साहवर्धन करेंगे।
आवेदन अथवा अन्य जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी बद्री विशाल निर्मलकर (9301817088), भरत कुमार (9098459912) एवं राकेश कुमार (9827368533) से संपर्क कर सकते हैं।
आयोजन समिति ने कनौजे रजक समाज के सभी परिजनों एवं समाजजनों से अपील की है कि वे अपने परिवार एवं परिचितों की पात्र छात्राओं की जानकारी समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक मेधावी बेटियों को इस सम्मान का लाभ मिल सके। समिति का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समाज की बेटियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित कर उनमें आत्मविश्वास का संचार करना तथा उन्हें उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करना है।
